मिशन डोला सफल: ₹5000 करोड़ का ड्रग्स सरगना सलीम डोला भारत लाया गया; दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ विशेष विमान
Mission Dola successful: ₹5,000 crore drug lord Salim Dola
नई दिल्ली। दाऊद इब्राहिम का करीबी और ड्रग्स का सरगना सलीम डोल भारत डिपोर्ट कर दिया गया है। उसे तुर्किए के इस्तांबुल में हिरासत में लिया गया था। डोला को एक खास विमान से भारत लाया गया।
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इंटरनेशनल एजेंसियों के साथ मिलकर उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई। मंगलवार को दिल्ली के एक टेक्निकल एयरपोर्ट पर सलीम डोला को लेकर विमान लैंड हुआ।
खुफिया अधिकारी कर रहे पूछताछ
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सलीम डोला से खुफिया अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं बाद में आगे की पूछताछ के लिए उसे मुंबई पुलिस को सौंप दिया जाएगा। डोला को तुर्किए की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी एमआईटी औऱ स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त कार्रवाई में हिरासत में लिया गया था।
यह कार्रवाई इंटरपोल के 'रेड कॉर्नर नोटिस' के बाद की गई थी। डोला ड्रग्स के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी है और मुंबई की क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है। डोला के पास संयुक्त अरब अमीरात का पासपोर्ट है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि 2018 में जमानत मिलने के बाद वह कथित तौर पर UAE भाग गया था और वहां उसने किसी दूसरे नाम से पासपोर्ट बनवा लिया था। इसके बाद से वह यूएई से ही अपना गिरोह चला रहा था। बाद में वह तुर्किए चला गया था।
कौन है सलीम डोला?
सलीम डोला का जन्म 1966 में मुंबई में हुआ था। वह बहुत कम उम्र में ही अंडरवर्ल्ड के करीब आ गया था। उसने दाऊद के खास गुर्गे छोटा शकील के साथ मिलकर काम किया। उसने गुटखा की आपूर्ति से अपना धंधा शुरू किया, जिसके बाद उसने मारिजुआना की तस्करी शुरू कर दी।
2012 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पांच साल जेल में बिताने के बाद उसे रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उसने सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की यूनिट स्थापित की। 2018 में उसे मुंबई में फिर गिरफ्तार किया गया। हालांकि, चार महीने बाद उसे जमानत मिल गई।